शुक्रवार, 12 अप्रैल 2019

छबके

छबके  मारने ना आंते तो आज तूं कामयाब नहीं
बिना सिफारिस कठै  नौकरी पूरा होवै ख्वाब नहीं
छल कपट बिना होवै मानस का आज गुजारा ना
काले धन तै बड्डा यो अफसर नेता का सहारा ना  
भित्तर काला बाहर सफ़ेद यो मुखौटा पहन लिया
जिंका  भित्तर सफ़ेद उन्नै घना कहर सहन किया  
सब कुछ बहग्या आज किसपै  कौन यकिन करै 
थोड़े घने बचे उननै यो सिस्टम भी ग़मगीन करै 
बिना संघर्ष नहीं गुजारा रणबीर यो जान लियो 
मानवता एक दिन जीतै बात इतनी मान लियो  

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