छबके मारने ना आंते तो आज तूं कामयाब नहीं
बिना सिफारिस कठै नौकरी पूरा होवै ख्वाब नहीं
छल कपट बिना होवै मानस का आज गुजारा ना
छल कपट बिना होवै मानस का आज गुजारा ना
काले धन तै बड्डा यो अफसर नेता का सहारा ना
भित्तर काला बाहर सफ़ेद यो मुखौटा पहन लिया
जिंका भित्तर सफ़ेद उन्नै घना कहर सहन किया
सब कुछ बहग्या आज किसपै कौन यकिन करै
थोड़े घने बचे उननै यो सिस्टम भी ग़मगीन करै
बिना संघर्ष नहीं गुजारा रणबीर यो जान लियो
मानवता एक दिन जीतै बात इतनी मान लियो
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